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हीनता की भावना पैदा करने और तब मान्यता प्राप्त करने लिए बेहतर करने के लिए मजबूर करने की पद्धति की तुलना में प्रशंसा बेहतर और सकारात्मक तरीके से काम कर सकती है। Appreciation may work in a better and in a positive way than the methodology of instilling feeling of inferiority and then forcing to do better to get recognition.
खुलापन रिस्ते/व्यवहार की नीव मे सत्य का समावेश करता है |
उस मजबूत नीव पर आप एक आलीशान मकान बना सकते हैं |
खुलापन हमारी एक सच्ची छवि बनाता है जिससे हम अपने जैसे लोगों को ही आकर्षित करते हैं |
खुलापन हमे भी एक मानसिक स्पष्टता देता है और हमारे लिए निर्णय निर्माण आसान होता है |
खुलापन हमे पहचान के संकट से बचाता है |
खुलापन हमारे अंतर्द्वंद को कम करता है |
खुलापन हमारी विश्वासनीयता को बढ़ा सकता है |
खुलापन रिस्ते/व्यवहार की नीव मे सत्य का समावेश करता है |
उस मजबूत नीव पर आप एक आलीशान मकान बना सकते हैं |
खुलापन हमारी एक सच्ची छवि बनाता है जिससे हम अपने जैसे लोगों को ही आकर्षित करते हैं |
खुलापन हमे भी एक मानसिक स्पष्टता देता है और हमारे लिए निर्णय निर्माण आसान होता है |
खुलापन हमे पहचान के संकट से बचाता है |
खुलापन हमारे अंतर्द्वंद को कम करता है |
खुलापन हमारी विश्वासनीयता को बढ़ा सकता है |
हमे अपनी शिक्षा मे साहित्य अध्ययन को समुचित महत्व देना चाहिए
ताकि देश के नागरिक अपने देश मे रहने वाले सभी वर्गों और तबकों के संघर्ष,
नजरिए और आकांक्षाओं से परिचित होकर उनके साथ तालमेल बैठकर
आगे बढ़ सकें और देश की उन्नति मे सहयोग कर सकें |
बहुत बेहतर हो की वो अपनी समझ और विचार को शब्द देकर उसे लिखित/मौखिक रूप से अभिव्यक्त
कर सकें, ऐसा होने पर ही हम उन्हे सही मायने मे पढ़ा लिखा इंसान बना पाएंगे,
अन्यथा वो जीवन को केवल भोग और विलासिता का जरिया समझकर जीवन बिता देंगे |
जब हम किसी से प्रेम करते हैं तो उसके भले और उन्नति की बात सोंचते हैं|
किसी और के लिए भला क्या है इसे जानने से पहले
हमे खुद के लिए भला क्या है, ये जानना होगा
जिसके लिए सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि
हम एक शरीर मात्र नहीं बल्कि एक बेचैन चेतना हैं
जिसे चैन चाहिए जो चैन मिलता है जीवन मे
सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान देकर
बिना सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान दिये
हम कितना भी भोग (consumption or pleasure) लें हमे
चैन नहीं मिलना |
अच्छा साहित्य हमारी चेतना को उठाता है और हमे लोगों की
तकलीफ के प्रति संवेदनशील बनाता है |
हिन्दी साहित्य मे राहुल सांकृत्यायन, मुंशी प्रेमचंद जैसे महान लेखक हुये हैं,
जिन्हे पढ़कर आप समाज को बेहतर रूप से समझ सकते हैं और अपनी चेतना को ऊपर उठा सकते हैं
समझ परिपक्व होती है, अपने कार्य मे उत्कृष्टता के लिए प्रयास से और
समझ का दायरा बढ़ता है साहित्य अध्ययन और नए लोगों को जानने समझने से
हमे अपनी शिक्षा मे साहित्य अध्ययन को समुचित महत्व देना चाहिए
ताकि देश के नागरिक अपने देश मे रहने वाले सभी वर्गों और तबकों के संघर्ष,
नजरिए और आकांक्षाओं से परिचित होकर उनके साथ तालमेल बैठकर
आगे बढ़ सकें और देश की उन्नति मे सहयोग कर सकें |
बहुत बेहतर हो की वो अपनी समझ और विचार को शब्द देकर उसे लिखित/मौखिक रूप से अभिव्यक्त
कर सकें, ऐसा होने पर ही हम उन्हे सही मायने मे पढ़ा लिखा इंसान बना पाएंगे,
अन्यथा वो जीवन को केवल भोग और विलासिता का जरिया समझकर जीवन बिता देंगे |
जब हम किसी से प्रेम करते हैं तो उसके भले और उन्नति की बात सोंचते हैं|
किसी और के लिए भला क्या है इसे जानने से पहले
हमे खुद के लिए भला क्या है, ये जानना होगा
जिसके लिए सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि
हम एक शरीर मात्र नहीं बल्कि एक बेचैन चेतना हैं
जिसे चैन चाहिए जो चैन मिलता है जीवन मे
सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान देकर
बिना सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान दिये
हम कितना भी भोग (consumption or pleasure) लें हमे
चैन नहीं मिलना |
अच्छा साहित्य हमारी चेतना को उठाता है और हमे लोगों की
तकलीफ के प्रति संवेदनशील बनाता है |
हिन्दी साहित्य मे राहुल सांकृत्यायन, मुंशी प्रेमचंद जैसे महान लेखक हुये हैं,
जिन्हे पढ़कर आप समाज को बेहतर रूप से समझ सकते हैं और अपनी चेतना को ऊपर उठा सकते हैं
समझ परिपक्व होती है, अपने कार्य मे उत्कृष्टता के लिए प्रयास से और
समझ का दायरा बढ़ता है साहित्य अध्ययन और नए लोगों को जानने समझने से
हमे अपनी शिक्षा मे साहित्य अध्ययन को समुचित महत्व देना चाहिए
ताकि देश के नागरिक अपने देश मे रहने वाले सभी वर्गों और तबकों के संघर्ष,
नजरिए और आकांक्षाओं से परिचित होकर उनके साथ तालमेल बैठकर
आगे बढ़ सकें और देश की उन्नति मे सहयोग कर सकें |
बहुत बेहतर हो की वो अपनी समझ और विचार को शब्द देकर उसे लिखित/मौखिक रूप से अभिव्यक्त
कर सकें, ऐसा होने पर ही हम उन्हे सही मायने मे पढ़ा लिखा इंसान बना पाएंगे,
अन्यथा वो जीवन को केवल भोग और विलासिता का जरिया समझकर जीवन बिता देंगे |
जब हम किसी से प्रेम करते हैं तो उसके भले और उन्नति की बात सोंचते हैं|
किसी और के लिए भला क्या है इसे जानने से पहले
हमे खुद के लिए भला क्या है, ये जानना होगा
जिसके लिए सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि
हम एक शरीर मात्र नहीं बल्कि एक बेचैन चेतना हैं
जिसे चैन चाहिए जो चैन मिलता है जीवन मे
सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान देकर
बिना सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान दिये
हम कितना भी भोग (consumption or pleasure) लें हमे
चैन नहीं मिलना |
अच्छा साहित्य हमारी चेतना को उठाता है और हमे लोगों की
तकलीफ के प्रति संवेदनशील बनाता है |
हिन्दी साहित्य मे राहुल सांकृत्यायन, मुंशी प्रेमचंद जैसे महान लेखक हुये हैं,
जिन्हे पढ़कर आप समाज को बेहतर रूप से समझ सकते हैं और अपनी चेतना को ऊपर उठा सकते हैं
समझ परिपक्व होती है, अपने कार्य मे उत्कृष्टता के लिए प्रयास से और
समझ का दायरा बढ़ता है साहित्य अध्ययन और नए लोगों को जानने समझने से
शिक्षा का महत्व क्या है इसकी झलक इस तरह भी मिल सकती है कि इसके लिए प्रयास कितने जा रहें।
मध्य प्रदेश के दमोह के एक शिक्षक ने इस महत्व को दर्शाने के लिए गांव की दीवारों को ब्लैकबोर्ड बनाया और चौराहों को क्लासरूम।
इस पहल और योगदान के लिए माधव सर को माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। विस्तृत खबर के लिए दैनिक भास्कर का आर्टिकल जरूर पढ़ें, लिंक नीचे है।
पढ़ने की लिए इच्छा शक्ति, दृढनिश्चय और संकल्प का होना बहुत जरूरी है पढ़ने वाले बच्चों में, तभी वह आगे बढ़ेंगे। और ये इच्छाशक्ति प्रबल होती जाती है जब समय के साथ सराहना करने वाले और पढाई के महत्व को बताने वाले लोग मिलते रहें, यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है |
जिन्हें सरकार में उच्च प्रशासनिक पदों की आकांक्षा है, उनके लिए दैनिक समाचार को महत्व देना और इससे रुबरु होने को आदत में लाना, निसन्देह रुप से फायदेमंद हो सकता है| क्योंकि इससे न केवल हमें जानकारी मिलती है अपितु इससे हमारी सोंच व्यापक होती है जो हमें अपने जीवन को प्रबंधित करने में और तमाम समस्याओं को हल करने की दृष्टि प्रदान करती है|
शहर के जिला पुस्तकालय का दौरा किया, जो अध्ययन के लिए जगह के रूप में उपयोग करने के लिए एक अच्छी जगह है। पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल। Visited District Library of the city, a good place for utilising as place for study. Good environment for study.
राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में आवेदन करने की अंतिम तिथि 15/10/2022 तक बढ़ा दी गई है Last date for Applying to national means cum merit scholarship exam has been extended to 15/10/2022